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Home remedies for mouth ulcers मुँह के छाले : कारण व निदान / मुँह के छालों का 7 घरेलु उपचार / जानें मुंह के छालों के कारण और घरेलू उपचार

Home remedies for mouth ulcers मुँह के छाले : कारण व निदान / मुँह के छालों का 7 घरेलु उपचार / जानें मुंह के छालों के कारण और घरेलू उपचार……… मुलेठी का काढ़ा बनाकर ठंडा कर व छानकर दिन में ३-४ बार गरारा करने से मुंह व जीभ के छाले ठीक हो जाते है। हरे धनिया का रस मुंह के छालो पर लगाने और सूखे धनिये को पानी में उबालकर उस पानी को छान कर व ठंडा कर उससे गरारे करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते है। शहद को पानी में मिलाकर कुल्ला करने से मुंह के छाले ठीक हो जाते है। इलायची चूर्ण को शहद में मिलाकर छालो पर लगाने और लार टपकाने से छाले ठीक हो जाते है। चमेली की पत्तियां चबाने से मुंह के छाले दूर होते है। अमरुद की पत्तियों को उबाल कर कुल्ला करने से गला-जीभ साफ़ होता है और मुंह के छाले ठीक होते हैं। हल्दी को पानी में डालकर कुछ देर रख दे. इस पानी को छान कर उससे कुल्ले करने से मुंह के छाले नष्ट होते है। मिश्री की डली, इलायची या गोंद की डली को पूरे दिन चूसते रहने से भी छाले ठीक होते है। महत्वपूर्ण नोट:- खान पान में सावधानी बरते. गरिष्ठ, मिर्च- मसालेदार व तैलीय पदार्थों से परहेज रखें. हरी रेश...

अदरख Ginger - Uses, Side Effects, Interactions and Warnings

अदरख (Ginger);गुणों की खान ==> साधारण सी नजर आने वाली मटमैली गांठों वाली अदरख (Ginger) वाकई गुणों की खान है। इसके सेवन से जुकाम-बुखार से लेकर जोड़ों का दर्द तक में तुरंत फ़ायदा होता है। शरीर सात धातुओं (रक्त, रक्त-मांस, मेद, मज्जा, अस्थि और शुक्र या ओज ) से बनाहै। इनके संतुलन से ही शरीर स्वस्थ बना रहता है। सातवें धातु शुक्र के निर्माण में अदरख का बहुत बड़ा योगदान होता है।इस लेख में अदरक के चिकित्सीय गुणों की जानकारी जा रही है। वैज्ञानिक नाम वनस्पति शास्त्र की भाषा में इसे जिंजिबर अफिसिनेल नाम दिया गया है। अदरख को अंग्रेजी में जिंजर, संस्कृत में आद्रक, मराठी में आदा के नाम से जाना जाता है। गीले स्वरूप में इसे अदरख तथा सूखने पर इसे सौंठ (शुष्ठी) कहते हैं। अदरख का कोई बीज नहीं होता, इसके कंद के ही छोटे-छोटे टुकड़े जमीन में गाड़ दिए जाते हैं। यह एक पौधे की जड़ है। आयुर्वेद के अनुसार ==> अदरख गुरु, तीक्ष्ण, उष्णवीर्य, अग्नि प्रदीपक, कटु रसयुक्त, मल भेदक, भारी, गरम, उदराग्नि बढ़ाने वाला, विपाक में मधुर रसयुक्त, रूक्ष, वात-कफ नाशक होता है। ==>अदरख , हल्दी आदि औषधियों...

Snakebite

साँप काटने पर क्या करें? लोगों को यह जानकारी होती ही नहीं है कि साँप के काटने पर क्या करना चाहिए। यही कारण है वे ऐसी दशा में वे तमाम क्रियाएँ करने लगते हैं, जिससे रोगी के शरीर में ज़हर तेजी से फैलने लगता है और अंत में उचित इलाज न मिलने के कारण उसकी मृत्यु हो जाती है। साँप काटने पर पीड़ित व्यक्ति को सबसे पहले सीधा लिटा देना चाहिए और उसे ढ़ाढ़स बंधाना चाहिए, जिससे वह शान्त रह सके। इसी बीच पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था करनी चाहिए। इसमें एक क्षण का भी विलम्ब पीड़ित व्यक्ति के लिए घातक हो सकता है। साँप काटने पर पीड़ित व्यक्ति को किसी ओझा, तांत्रिक अथवा सिद्ध बाबा के पास कदापि नहीं ले जाना चाहिए और न ही उसका उपचार किसी जड़ी आदि से करवाने के चक्कर में पड़ें। याद रखें कि साँप के ज़हर का एकमात्र उचार एन्टीवेनम ही है। यदि पीड़ित व्यक्ति को अस्पताल ले जाने की व्यवस्था में कुछ विलम्ब हो तो सबसे पहले काटे गये स्थान पर साँप के निशान देखने की कोशिश करें। आमतौर पर विषदंत के दो गहरे निशान पीड़ित के शरीर पर पाए जाते हैं। लेकिन इसके साथ ही साथ उसके आसपास कई छोटे और हल्के निशान ...

Khush Rehne ke Nuske -खुश रखना और रहना चाहते हो तो ये नुस्का आजमाकर देखे

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Khush Rehne ke Nuske - अगर आप किसी को अपने साथ खुश रखना और रहना चाहते हो तो ये नुस्का आजमाकर देखे । आप जैसा किसी को बनाना चाहते हो, आप कैसा उसे बनाना चाहते हो वो दिखओ, वो सुनाओ, वो बताओ। जो नहीं चाहते उसको न देखे, न सुने, न उसके बारे में बात करे, सामने आने पर उचित निर्णय ले, न उसके बारे में वाद-विवाद करे । आपको के खुछ दिनों में कैसा भी लगे आप अपना काम एक साल तक करोगे तो जिंदगी बदल जाएगी । वक्त के साथ सबकुछ बदल जायेगा, और चारो तरफ प्यार ही प्यार नज़र आयेगा । अगर बच्चा आपके साथ बाजार में है तो आप बच्चे से बेवजह कहे - चॉकलेट नहीं खाना, गन्दी चीज़ है । अब बच्चा थोड़ी देर बाद चॉकलेट खरीदने के लिए बोलेगा, जिद करेगा । मानव का स्वभाव ऐसा ही होता है । आपको अगर बन्दुक दे दी जाये तो क्या आप उसे चला सकते है ? आपका उत्तर है बन्दुक में गोली डालकर, उसका घोडा दबाना है और ये निकली गोली।। कहा से सीखा ? अधिकतर टीवी से।  सवतंत्र भारत की स्वतंत्र बेटियो को छोटे कपडे पहनने किसने सिखाया ? सिनेमा ने/ टीवी ने। बलात्कार करना कि...

Khush rehne ke nuskhe खुश रहने के 21 नुस्के

खुश रहने के 21 नुस्के मेरी नज़र में वो आदमी क्ष्रेष्ठ है जिसकी न कोई बुराई करता हो और न ही उसकी कोई तारीफ।। उसके बारे में एक ही बात बोले प्राणी बड़ा क्ष्रेष्ठ है । किसी भी वस्तु/प्राणी से ज्यादा लगाव मत रखो । किसी भी खाने की वस्तु में ज्यादा स्वाद की अपेक्षा मत रखो । किसी भी वस्तु/प्राणी से कोई उम्मीद मत रखो । झूट कम से कम बोलने की कोशिश करो ।  केवल अपने आप की मेहनत पर भरोशा करे । अपना ज्ञान सदा बढ़ाते रहे ।  किसी को बिना मांगे फ़ोकट में राय/एडवाइस  न दे । अनाआवस्यक किसी बात पर जिद या लड़ाई न करे ।  लालच की भावना न रखे ।  सबको प्रेम भावना से देखे । देश प्रेम, समाज प्रेम, परिवार प्रेम में दुबे रहे । किसी के बारे में बुरा भला न कहे ।  कम बोले ज्यादा सुने, गलत बात, लालच से भरी बात किसी की की नहीं माने ।  बिना सोचे समझे बिना नकारात्मक उत्तर न दे । किसी से नफरत कभी न करे । अमीर बनने की सोच न रखे, अपना कर्म करे । जीवो के प्रति दयाभाव रखे ।  किसी का बुरा न करे, प्रकृति उसको छोड़ती नहीं जो किसी का बुरा करता है ।...

Helthtips - स्वस्थ्य रहने के 7000 सूत्र - ऋषि हुए जिनका नाम था बागवट जी...

पूरी post नहीं पढ़ सकते तो यहाँ click कर देखें ! https://www.youtube.com/watch?v=TkJXNYHIWBg मित्रो हमारे देश मे 3000 साल पहले एक ऋषि हुए जिनका नाम था बागवट जी ! वो 135 साल तक जीवित रहे ! उन्होने अपनी पुस्तक अशटांग हिरद्यम मे स्वस्थ्य रहने के 7000 सूत्र लिखे ! उनमे से ये एक सूत्र राजीव दीक्षित जी की कलम से आप पढ़ें ! _________________________________ बागवट जी कहते है, ये बहुत गहरी बात वो ये कहते है जब आप भोजन करे कभी भी तो भोजन का समय थोडा निश्चित करें । भोजन का समय निश्चित करें । ऐसा नहीं की कभी भी कुछ भी खा लिया । हमारा ये जो शरीर है वो कभी भी कुछ खाने के लिए नही है । इस शरीर मे जठर है, उससे अग्नि प्रदिप्त होती है । तो बागवटजी कहते है की, जठर मे जब अग्नी सबसे ज्यादा तीव्र हो उसी समय भोजन करे तो आपका खाया हुआ, एक एक अन्न का हिस्सा पाचन मे जाएगा और रस मे बदलेगा और इस रस में से मांस,मज्जा,रक्त,मल,मूत्रा,मेद और आपकी अस्थियाँ इनका विकास होगा । हम लोग कभी भी कुछ भी खाते रहते हैं । ये कभी भी कुछ भी खाने पद्ध्ती भारत की नहीं है, ये युरोप की है । युरोप में doctors वो हमेशा कह...

poojya acharya bal krishan ji maharaj - गला और छाती की बीमारी का इलाज :

पूरी पोस्ट नहीं पड़ सकते तो निचे दिए गए लिंक में ज विडियो देखे: http://www.youtube.com/watch?v=UvDYL7xqFGk गला और छाती की बीमारी का इलाज : गले में किनती भी ख़राब से ख़राब बीमारी हो, कोई भी इन्फेक्शन हो, इसकी सबसे अछि दावा है हल्दी । जैसे गले में दर्द है, खरास है , गले में खासी है, गले में कफ जमा है, गले में टोनसीलाईटिस हो गया ; ये सब बिमारिओं में आधा चम्मच कच्ची हल्दी का रस लेना और मुह खोल कर गले में डाल देना , और फिर थोड़ी देर चुप होके बैठ जाना तो ये हल्दी गले में निचे उतर जाएगी लार के साथ ; और एक खुराक में ही सब बीमारी ठीक होगी दुबारा डालने की जरुरत नही । ये छोटे बछो को तो जरुर करना ; बछो के टोन्सिल जब बहुत तकलीफ देते है न तो हम ऑपरेशन करवाके उनको कटवाते है ; वो करने की जरुरत नही है हल्दी से सब ठीक होता है । गले और छाती से जुडी हुई कुछ बीमारिया है जैसे खासी ; इसका एक इलाज तो कच्ची हल्दी का रस है जो गले में डालने से तुतंत ठीक हो जाती है चाहे कितनी भी जोर की खासी हो । दूसरी दावा है अदरक , ये जो अदरक है इसका छोटा सा टुकड़ा मुह में रखलो और टफी की तरह चुसो खासी तुतंत बंध हो जाएगी । अगर कि...

acharya bal krishan ji - यूरोप के देशों में बेबी पावडर को बेबी किलर कहते हैं

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बेबी (मिल्क) पावडर हमारे देश में एक अमेरिकी कंपनी है - नेस्ले , नेस्ले बेबी पावडर (डब्बे का दूध) बेचती है | यूरोप के देशों में बेबी पावडर बिकता नहीं, यूरोप के देशों में बेबी पावडर को बेबी किलर कहते हैं | मैंने यूरोप के कई देशों में देखा है, बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगे रहते हैं और सरकार की तरफ से उन होर्डिंगों पर प्रचार किया जाता है कि "आप अपने बच्चे को बेबी पावडर मत खिलाईये" | क्यों ? क्योंकि इसमें जहर है, तो पुरे यूरोप में ये जो बेबी पावडर "बेबी किलर" कहा जाता है वही बेबी पावडर धड़ल्ले से भारत के बाजार में बिक रहा है और बहुत वर्षों तक इस देश में जो बेबी पावडर बिकता था, उसके डब्बे पर कुछ भी लिखा नहीं होता था, जब कुछ अच्छे लोगों ने इस मुद्दे को उठाया, हमारे जैसे विचार वाले कुछ डोक्टरों ने संसद पर दबाव बनाया तब भारत की सरकार ने सिर्फ इतना सा संसोधन कर दिया कि "कंपनियों को बेबी पावडर के डब्बे पर ये लिखना आवश्यक होगा कि माँ का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम है", बस बात ख़त्म | होता ये कि भारत सरकार इन डब्बे के दूध को भारत में प्रतिबंधित कर देती, लेकिन नहीं | और भारत ...

poojya acharya balkrishna ji - डॉक्टर बहुत कहते है अन्डे में प्रोटीन है पर सबसे जादा प्रोटीन तो उड़द की दाल में है , फिर चने की

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डॉक्टर बहुत कहते है के अन्डे खाना बहुत आवश्यक है और उनका हिसाब किताब प्रोटीन वाला है ! ...प्रोटीन इसमें ज्यादा है विटामिन A ज्यादा है । हमारे डॉक्टर जो पढाई करते है जैसे MBBS , MS, MD ये पूरी पढाई से आई है मने यूरोप से आयें हैं और यूरोप में जो लोग होंगे उनके पास मांस और अन्डे के इलावा और कुछ नही होगा । तो उनकी जो पुस्तके है उनमे वो ही लिखा जायेगा जो वहाँ उपलब्ध है । और यूरोप में पूरा इलाका बहुत ठंडा है !6 महीने बर्फ पड़ी रहती है ! सब्जी होती नही , दाल होती नही हैं ! पर अंडा बहुत मिलता है कियोंकि मुर्गियां बहुत है । अब हमारे देश में भी वो ही चिकित्सा पढ़ा रहे है क्यूंकि आजादी के 67 साल बाद भी कोई कानून बदला नहीं गया ! पर उस चिकित्सा को हमने हमारे देश की जरुरत के हिसाब से बदल नही किया मने उन पुस्तकों में बदवाल होना चाहिए , उसमे लिखा होना चाहिए भारत में अन्डे की जरुरत नही है कियोंकि भारत में अन्डे का बिकल्प बहुत कुछ है । पर ये बदवाल हुआ नही और डॉक्टर वो पुस्तक पढ़ कर निकलते है और बोलते रहते है अन्डे खाओ मांस खाओ । आयुर्वेद की पढाई पढ़ कर जो डॉक्टर निकलते है वो कभी नही कहते के अन्डे खाओ । ...

acharya bal krishan maharaj - समुद्री नमक है आयुर्वेद के अनुसार ये तो अपने आप मे ही बहुत खतरनाक है

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पूरी post नहीं पढ़ सकते तो यहाँ click करें !! http://www.youtube.com/watch?v=BzId8OHnNA0 पहले तो आप ये जान लीजिये कि नमक के मुख्य कितने प्रकार होते हैं !! एक होता है समुद्री नमक दूसरा होता है सेंधा नमक (rock slat) !! ये जो समुद्री नमक है आयुर्वेद के अनुसार ये तो अपने आप मे ही बहुत खतरनाक है ! आज से कुछ वर्ष पहले कोई भी समुद्री नमक नहीं खाता था सब सेंधा नमक ही खाते थे ! मात्र 2,3 रूपये किलो मे सब जगह मिल जाया करता था ! फिर अचानक से ऐसा क्या हुआ की लोग आओडीन युक्त समुद्री नमक खाने लगे ?? हुआ ये कि जब ग्लोबलाईसेशन के बाद बहुत सी विदेशी कंपनियो(अनपूर्णा,कैपटन कुक ) ने नमक बेचना शुरू किया तब ये सारा खेल शुरू हुआ ! अब समझिए खेल क्या था ?? खेल ये था कि विदेशी कंपनियो को नमक बेचना है और बहुत मोटा लाभ कमाना है और लूट मचानी है तो पूरे भारत मे एक नई बात फैलाई गई कि आओडीन युक्त नामक खाओ ,आओडीन युक्त नमक खाओ ! आप सबको आओडीन की कमी हो गई है ! ये सेहत के लिए बहुत अच्छा है आदि आदि बातें पूरे देश मे प्रायोजित ढंग से फैलाई गई !! और जो नमक किसी जमाने मे 2 से 3 रूपये किलो मे बिकता था ! उसकी जगह आओडीन नमक क...

poojya acharya bal krishan - बिच्छू काटने पर चिकित्सा - Silicea 200 इसका लिकुइड 5 ml घर में रखे

बिच्छू काटने पर चिकित्सा : अधिक जानकारी के लिए यहाँ क्लिक करें: http://www.youtube.com/watch?v=N4iEd5Ku9lQ बिच्छू काटने पर बहुत दर्द होता है जिसको बिच्छू काटता है उसके सिवा और कोई जान नही सकता कितना भयंकर कष्ट होता है। तो बिच्छू काटने पर एक दावा है उसका नाम है Silicea 200 इसका लिकुइड 5 ml घर में रखे । बिच्छू काटने पर इस दावा को जीभ पर एक एक ड्रोप 10-10 मिनट अंतर पर तिन बार देना है । बिच्छू जब काटता है तो उसका जो डंक है न उसको अन्दर छोड़ देता है वोही दर्द करता है । इस डंक को बाहर निकलना आसान काम नही है, डॉक्टर के पास जायेंगे वो काट करेगा चीरा लगायेगा फिर खिंच के निकालेगा उसमे उसमे ब्लीडिंग भी होगी तकलीफ भी होगी । ये मेडिसिन इतनी बेहतरीन मेडिसिन है के आप इसके तिन डोस देंगे 10-10 मिनट पर एक एक बूंद और आप देखेंगे वो डंक अपने आप निकल कर बाहर आ जायेगा। सिर्फ तिन डोस में आधे घन्टे में आप रोगी को ठीक कर सकते है। बहुत जबरदस्त मेडिसिन है ये Silicea 200. और ये मेडिसिन मिट्टी से बनती है,वो नदी कि मिट्टी होती है न जिसमे थोड़ी बालू रहती है उसी से ये मेडिसिन बनती है । इस मेडिसिन को और भी बहुत सारी का...

आइये जानते हैं मूंगफली के स्वास्थ्यलाभ- Poojya Acharya Bal Krishan Ji Maharaj

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Poojya Acharya Bal Krishan Ji Maharaj मूंगफली सेहत का खजाना है साथ ही यह वनस्पतिक प्रोटीन का एक सस्ता स्रोत भी हैं। इसमें प्रोटीन की मात्रा मांस की तुलना में १.३ गुना, अण्डो से २.५ गुना एवं फलो से ८ गुना अधिक होती हैं। क्या आप जानते हैं कि 100 ग्राम कच्ची मूंगफली में 1 लीटर दूध के बराबर प्रोटीन होता है। मूँगफली में प्रोटीन की मात्रा 25 प्रतिशत से भी अधिक होती है। साथ ही मूंगफली पाचन शक्ति बढ़ाने में भी कारगर है। 250 ग्राम भूनी मूंगफली में जितनी मात्रा में खनिज और विटामिन पाए जाते हैं, वो 250 ग्राम मांस से भी प्राप्त नहीं हो सकता है। आइये जानते हैं मूंगफली के स्वास्थ्यलाभ- 1. मूंगफली में न्यूट्रिएंट्स , मिनरल, एंटी-ऑक्सीडेंट और विटामिन जैसे पदार्थ पाए जाते हैं, जो कि स्वास्थ्य के लिये बहुत ही लाभप्रद साबित होते हैं । 2. इसमें ऐसे फैटी एसिड पाए जाते हैं जो कि एलडीएल या खराब कोलस्ट्रॉल को कम कर के अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढाते हैं। 3. मूंगफली में प्रोटीन, चिकनाई और शर्करा पाई जाती है। एक अंडे के मूल्य के बराबर मूंगफलियों में जितनी प्रोटीन व ऊष्मा होती है, उतनी दूध व अंडे से...