मेरी नज़र में वो आदमी क्ष्रेष्ठ है जिसकी न कोई बुराई करता हो और न ही उसकी कोई तारीफ।। उसके बारे में एक ही बात बोले प्राणी बड़ा क्ष्रेष्ठ है ।
- किसी भी वस्तु/प्राणी से ज्यादा लगाव मत रखो ।
- किसी भी खाने की वस्तु में ज्यादा स्वाद की अपेक्षा मत रखो ।
- किसी भी वस्तु/प्राणी से कोई उम्मीद मत रखो ।
- झूट कम से कम बोलने की कोशिश करो ।
- केवल अपने आप की मेहनत पर भरोशा करे ।
- अपना ज्ञान सदा बढ़ाते रहे ।
- किसी को बिना मांगे फ़ोकट में राय/एडवाइस न दे ।
- अनाआवस्यक किसी बात पर जिद या लड़ाई न करे ।
- लालच की भावना न रखे ।
- सबको प्रेम भावना से देखे ।
- देश प्रेम, समाज प्रेम, परिवार प्रेम में दुबे रहे ।
- किसी के बारे में बुरा भला न कहे ।
- कम बोले ज्यादा सुने, गलत बात, लालच से भरी बात किसी की की नहीं माने ।
- बिना सोचे समझे बिना नकारात्मक उत्तर न दे ।
- किसी से नफरत कभी न करे ।
- अमीर बनने की सोच न रखे, अपना कर्म करे ।
- जीवो के प्रति दयाभाव रखे ।
- किसी का बुरा न करे, प्रकृति उसको छोड़ती नहीं जो किसी का बुरा करता है ।
- भगवान पर भरोशा रखे, रोज बाबा रामदेव के साथ योगा करे ।
- ज्यादा, में, अमीर, सबसे अच्छा, उनसे अच्छा, ऐसे अनेक शब्दों से दूर रहे । मतलब किसी से खुद की तुलना न करे ।
- अपने आप का सविंधान / नियमावली / वसूल बनाये, जो आपको अन्य लोगो से क्ष्रेष्ठ बनाएंगे ।
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