Suvichar सुविचार Suvichar In Hindi सुविचार हिंदी में

सुविचारों का सबसे विशाल संग्रह :- अनमोल वचन, कहानी, किस्से, दोहे, शायरी सबकुछ यही पर...

1. Suvichar In Hindi -

मुसीबत में अगर किसी से मदद मांगो तो, सोच समझकर मागना क्योकि मुसीबत थोड़ी देर की होती है और एहसान जिंदगी भर का... 

2. प्रेरणादायक सुविचार सुप्रभात -

असफल लोग तब रुकते है जब वो थक जाते है,
सफल लोग तब रुकते है जब वो जीत जाते है ।।

3. खूबसूरत सुविचार Good Morning -

महानता कभी ना गिरने में नहीं है बल्कि,
हर बार गिर कर उठने में है ।।

4. बेस्ट सुविचार हिंदी में -

जीतने का मज़ा तभी आता है,
जब सभी आपके हारने का इंतजार कर रहे हो ।।

5. Hindi Suvichar -

क्रोध और आंधी दोनों एकसमान है क्योकि,
शांत होने के बाद ही पता चलता है कि कितना नुकशान हुआ है -

6. प्रेरणादायक सुविचार -

गठरी बाँध बैठा है अनाड़ी,
साथ जो ले जाना था वो कमाया ही नहीं... 

7. किस्मत पर सुविचार -

मैं उस किस्मत का सबसे पसंदीदा खिलौना हूँ,
वो रोज़ जोड़ती है मुझे, फिर से तोड़ने के लिए.... 

8. छोटे सुविचार -

जिस घाव से खून नहीं निकलता,
समझ लेना वो ज़ख्म किसी अपने ने ही दिया है... 

9. बचपन सुविचार -

बचपन भी कमाल का था,
खेलते खेलते चाहें छत पर सोयें या ज़मीन पर,
आँख बिस्तर पर ही खुलती थी...

10. सर्वश्रेष्ठ सुविचार -

खोए हुए हम खुद हैं,
और ढूंढते भगवान को हैं... 

11. माफ़ी सुविचार -

अहंकार दिखा के किसी रिश्ते को तोड़ने से अच्छा है की,
माफ़ी मांगकर वो रिश्ता निभाया जाये...

12. जिंदगी सुविचार -

जिन्दगी तेरी भी,
अजब परिभाषा है...
सँवर गई तो जन्नत,
नहीं तो सिर्फ तमाशा है... 

13. आज का सुविचार हिंदी में -

खुशीयाँ तकदीर में होनी चाहिये,
तस्वीर मे तो हर कोई मुस्कुराता है... 

14. बचपन की याद सुविचार -

इतनी चाहत तो लाखो रु पाने की भी नही होती,
जितनी बचपन की तस्वीर देखकर बचपन में जाने की होती है...

15. बहुत खूबसूरत सुविचार -

हमेशा छोटी छोटी गलतियों से बचने की कोशिश किया करो,
क्योंकि इन्सान पहाड़ो से नहीं पत्थरों से ठोकर खाता है... 



16. बहुत बेहतरीन कविता है-


तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर ।
सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन, उसमे उलझने की कोशिश न कर ।।

चलते वक़्त के साथ तू भी चल, उसमे सिमटने की कोशिश न कर ।
अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर ।।

मन में चल रहे युद्ध को विराम दे, खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर ।
कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे, सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर ।।

जो मिल गया उसी में खुश रह, जो सकून छीन ले वो पाने की कोशिश न कर ।
रास्ते की सुंदरता का लुत्फ़ उठा, मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर ।।


17. प्यास लगी थी गजब की -

प्यास लगी थी गजब की, मगर पानी मे जहर था ।
पीते तो मर जाते, और ना पीते तो भी मर जाते ।।
बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए...
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए ।।
वक़्त ने कहा, काश थोड़ा और सब्र होता ।
सब्र ने कहा, काश थोड़ा और वक़्त होता ।।



18. सर्वश्रेष्ठ सुविचार हिन्दी में -

सुबह सुबह उठना पड़ता है, कमाने के लिए...
आराम कमाने निकलता हूँ आराम छोड़कर...
हुनर सड़कों पर तमाशा करता है और,
किस्मत महलों में राज करती है...
"शिकायते तो बहुत है, तुझसे ऐ जिन्दगी,
पर चुप इसलिये हु कि जो दिया तूने,
वो भी बहुतो को नसीब नहीं होता"।।


19. वो भी क्या दिन थे - 

वो भी क्या दिन थे...
जब घड़ी एक आध के पास होती थी और समय सबके पास होता था। 

वो भी क्या दिन थे...
जब बोलचाल में हिंदी का प्रयोग होता था और अंग्रेज़ी तो पीने के बाद ही बोली जाती थी। 

वो भी क्या दिन थे...
जब लोग भूखे उठते थे पर भूखे सोते नहीं थे।

वो भी क्या दिन थे...
जब फिल्मों में हीरोइन को पैसे कम मिलते थे पर कपड़े वो पूरे पहनती थी। 

वो भी क्या दिन थे...
जब लोग पैदल चलते थे और पदयात्रा करते थे पर पदयात्रा पद पाने के लिये नहीं होती थी।

वो भी क्या दिन थे...
जब साईकिल होती थी जो चार रोटी में चालीस का एवरेज देती थी। 

वो भी क्या दिन थे...
जब चिट्ठी पत्री का जमाना था। पत्रों मे व्याकरण अशुद्ध होती थी पर आचरण शुद्ध हुआ करता थे। 

वो भी क्या दिन थे...
जब शादी में घर की औरतें खाना बनाती थी और बाहर की औरतें नाचती थी अब घर की औरतें नाचती हैं और बाहर की औरते खाना बनाती है। 
वो भी क्या दिन थे...
जब खाना घर खाते थे और शौच बाहर जाते थे और अब शौच घर में करते हैँ और खाना खाने बाहर जाते हैँ। 


20. खूबसूरत सुविचार सुप्रभात -

चिड़िया जब जीवित रहती है तब वो चिंटी को खाती है
चिड़िया जब मर जाती है तब चींटिया उसको खा जाती है।
इसलिए इस बात का ध्यान रखो की समय और स्थिति कभी भी बदल सकते है।

इसलिए
कभी किसी का अपमान मत करो,
कभी किसी को कम मत आंको।

तुम शक्तिशाली हो सकते हो,
पर समय तुमसे भी शक्तिशाली है।

एक पेड़ से लाखो माचिस की तीलिया बनाई जा सकती है,
पर एक माचिस की तिल्ली से लाखो पेड़ भी जल सकते है।


21. आज का सुविचार हिंदी में -

कंठ दिया कोयल को, तो रूप छीन लिया ।
रूप दिया मोर को, तो ईच्छा छीन ली ।
दी ईच्छा इन्सान को, तो संतोष छीन लिया ।
दिया संतोष संत को, तो संसार छीन लिया ।
दिया संसार चलाने देवी-देवताओं को, तो उनसे भी मोक्ष छीन लिया ।

22. हमारे जीवन का कड़वा सच -

मत करना कभी भी ग़ुरूर अपने आप पर 'ऐ इंसान',
भगवान ने तेरे और मेरे जैसे कितनो को मिट्टी से बना के, मिट्टी में मिला दिए ।

23. शिक्षाप्रद सुविचार -



24. आज का सुविचार सुप्रभात -

इंसान दुनिया में तीन चीज़ो के लिए मेहनत करता है
1. मेरा नाम ऊँचा हो...
2. मेरा लिबास अच्छा हो...
3. मेरा मकान खूबसूरत हो...

लेकिन इंसान के मरते ही भगवान उसकी तीनों चीज़े सबसे पहले बदल देता है
1. नाम = (स्वर्गीय )
2. लिबास = (कफन )
3. मकान = ( श्मशान )

25. Hindi Suvichar on life -

एक पथ्थर सिर्फ एक बार मंदिर जाता है और भगवान बन जाता है...
इंसान हर रोज़ मंदिर जाते है फिर भी पथ्थर ही रहते है...


26. खूबसूरत सुविचार -

एक औरत बेटे को जन्म देने के लिये अपनी सुन्दरता त्याग देती है और,
वही बेटा एक सुन्दर बीवी के लिए अपनी माँ को त्याग देता है...

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61 Comments

  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 8:48 AM
    "नीयत" कितनी भी अच्छी हो,
    दुनिया आपको आपके दिखावेसे जानती है,
    और "दिखावा कितना भी अच्छा हो
    "उपरवाला" आपको नीयत से जानता है.......
    विश्वास करनेसे पूर्व लोगोंको
    अच्छी तरह परख लीजिये....
    👉क्योंकि हम ऐसी दुनियां में रहते है,
    जहाँ नकली निम्बू पानी
    (Limca, Sprite)
    से आपका स्वागत होता है,
    और असली निम्बू पानी
    (Finger bowl)
    हात धोने के लिए दिया जाता है।
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 8:53 AM
    अभी सूरज नहीं डूबा जरा सी शाम होने दो;
    मैं खुद लौट जाऊंगा मुझे नाकाम तो होने दो;
    मुझे बदनाम करने का बहाना ढूंढ़ता है जमाना;
    मैं खुद हो जाऊंगा बदनाम पहले मेरा नाम तो होने दो।
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 8:55 AM
    दुख की बात ये है की....
    वक्त बहुत कम है....

    ख़ुशी की बात ये है की....
    अभी भी वक्त है...
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 8:56 AM
    राम राम है भोर की,
    राम रखेंगे खैर।
    अपनी सबसे मित्रता,
    नहीं किसी से बैर ll
    सारे साथी काम के,
    सबका अपना मोल l
    जो संकट में साथ दे,
    वो सबसे अनमोल ll

    सुप्रभात...
    आपका दिन शुभ हो ...!!
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 8:59 AM
    बहुत बेहतरीन कविता है👌👌

    तू जिंदगी को जी, उसे समझने की कोशिश न कर

    सुन्दर सपनो के ताने बाने बुन,उसमे उलझने की कोशिश न कर

    चलते वक़्त के साथ तू भी चल, उसमे सिमटने की कोशिश न कर

    अपने हाथो को फैला, खुल कर साँस ले, अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर

    मन में चल रहे युद्ध को विराम दे, खामख्वाह खुद से लड़ने की कोशिश न कर

    कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे, सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर

    जो मिल गया उसी में खुश रह, जो सकून छीन ले वो पाने की कोशिश न कर

    रास्ते की सुंदरता का लुत्फ़ उठा, मंजिल पर जल्दी पहुचने की कोशिश न कर....
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 9:00 AM
    मार्टिन लूथर ने कहा था…
    “अगर तुम उड़ नहीं सकते तो, दौड़ो !
    अगर तुम दौड़ नहीं सकते तो, चलो !
    अगर तुम चल नहीं सकते तो, रेंगो !
    पर आगे बढ़ते रहो !”
    अपनी सोच ओर दिशा बदलो
    सफलता आपका स्वागत करेंगी…….
    रास्ते पर कंकड़ ही कंकड़ हो
    तो भी एक अच्छा जूता पहनकर
    उस पर चला जा सकता है..
    लेकिन यदि एक अच्छे जूते
    के अंदर एक भी कंकड़ हो तो
    एक अच्छी सड़क पर भी
    कुछ कदम भी चलना मुश्किल है ।।
    यानी –
    “बाहर की चुनोतियों से नहीं
    हम अपनी अंदर की कमजोरियों
    से हारते हैं ”
    Good morning.....
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 9:01 AM
    एक सुन्दर और प्रेरणा पूर्ण पंक्तियाँ 👉

    पायल हज़ारो रूपये में आती है पर पैरो में पहनी जाती है
    और.....
    बिंदी 1 रूपये में आती है मगर माथे पर सजाई जाती है
    इसलिए कीमत मायने नहीं रखती उसका मान मायने रखता हैं
    💐🙏

    एक किताबघर में पड़ी गीता और कुरान आपस में कभी नहीं लड़ते,

    और जो उनके लिए लड़ते हैं वो कभी उन दोनों को नहीं पढ़ते....🙏 🙏

    नमक की तरह कड़वा ज्ञान देने वाला ही सच्चा मित्र होता है,
    मिठी बात करने वाले तो चापुलुस भी होते है
    इतिहास गवाह है की आज तक कभी नमक में कीड़े नहीं पड़े।
    और मिठाई में तो अक़्सर कीड़े पड जाया करते है ...................
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 9:03 AM

    चाणक्य के 15 अमर वाक्य | शेयर करें | सीखें और सीखयें
    |
    1)दुनिया की सबसे बड़ी ताकत पुरुष का विवेक
    और महिला की सुन्दरता है।
    2)हर मित्रता के पीछे कोई स्वार्थ जरूर होता है, यह
    कड़वा सच है।
    3)अपने बच्चों को पहले पांच साल तक खूब प्यार करो।
    छः साल से पंद्रह साल तक कठोर अनुशासन और संस्कार
    दो।
    सोलह साल से उनके साथ मित्रवत व्यवहार करो।
    आपकी संतति ही आपकी सबसे अच्छी मित्र है।"
    4)दूसरों की गलतियों से सीखो
    अपने ही ऊपर प्रयोग करके सीखने को तुम्हारी आयु कम
    पड़ेगी।
    5)किसी भी व्यक्ति को बहुत ईमानदार नहीं होना
    चाहिए।
    सीधे वृक्ष और व्यक्ति पहले काटे जाते हैं।
    6)अगर कोई सर्प जहरीला नहीं है
    तब भी उसे जहरीला दिखना चाहिए वैसे दंश भले ही न
    हो
    पर दंश दे सकने की क्षमता का दूसरों को अहसास
    करवाते रहना चाहिए।
    7)कोई भी काम शुरू करने के पहले तीन सवाल अपने आपसे
    पूछो...
    मैं ऐसा क्यों करने जा रहा हूँ ?
    इसका क्या परिणाम होगा ?
    क्या मैं सफल रहूँगा?
    8)भय को नजदीक न आने दो अगर यह नजदीक आये
    इस पर हमला कर दो यानी भय से भागो मत
    इसका सामना करो।
    9)काम का निष्पादन करो, परिणाम से मत डरो।
    10)सुगंध का प्रसार हवा के रुख का मोहताज़ होता है
    पर अच्छाई सभी दिशाओं में फैलती है।"
    11)ईश्वर चित्र में नहीं चरित्र में बसता है
    अपनी आत्मा को मंदिर बनाओ।
    12)व्यक्ति अपने आचरण से महान होता है
    जन्म से नहीं।
    13)ऐसे व्यक्ति जो आपके स्तर से ऊपर या नीचे के हैं
    उन्हें दोस्त न बनाओ,
    वह तुम्हारे कष्ट का कारण बनेगे।
    समान स्तर के मित्र ही सुखदायक होते हैं।
    14)अज्ञानी के लिए किताबें और
    अंधे के लिए दर्पण एक समान उपयोगी है।
    15)शिक्षा सबसे अच्छी मित्र है।
    शिक्षित व्यक्ति सदैव सम्मान पाता है।
    शिक्षा की शक्ति के आगे युवा शक्ति और सौंदर्य
    दोनों ही कमजोर है
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 9:04 AM

    राजा भोज ने कवि कालीदास से दस सर्वश्रेष्ट सवाल किए
    1- दुनिया में भगवान की सर्वश्रेष्ठ रचना क्या है?
    उत्तर- ''मां''
    2- सर्वश्रेष्ठ फूल कौन सा है?
    उत्तर- "कपास का फूल"
    3- सर्वश्र॓ष्ठ सुगंध कौनसी है
    उत्तर- वर्षा से भीगी मिट्टी की सुगंध ।
    4-सर्वश्र॓ष्ठ मिठास कौनसी
    - "वाणी की"
    5- सर्वश्रेष्ठ दूध-
    "मां का"
    6- सबसे से काला क्या है
    "कलंक"
    7- सबसे भारी क्या है
    "पाप"
    8- सबसे सस्ता क्या है
    "सलाह"
    9- सबसे महंगा क्या है
    "सहयोग"
    10-सबसे कडवा क्या है
    ऊत्तर- "सत्य".
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 9:06 AM

    जितना बडा प्लाट होता है, उतना बडा बंगला नही होता !! जितना बडा बंगला होता है,उतना बडा दरवाजा नही होता !! जितना बडा दरवाजा होता है ,उतना बडा ताला नही होता !!
    जितना बडा ताला होता है , उतनी बडी चाबी नही होती !! परन्तु चाबी पर पुरे बंगले का आधार होता है।
    इसी तरह मानव के जीवन मे बंधन और मुक्ति का आधार मन की चाबी पर ही निर्भर होता है।
    है मानव....तू सबकुछ कर पर किसी को परेशान मत कर,जो बात समझ न आऐ उस बात मे मत पड़ !
    पैसे के अभाव मे जगत 1% दूखी है,समझ के अभाव मे जगत 99% दूखी है !!!
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 9:07 AM

    आज का श्रेष्ठ विचार:-
    यदि आप धर्म करोगे तो भगवान से आपको माँगना पड़ेगा...,
    लेकिन यदि आप कर्म करोगे तो भगवान को देना पड़ेगा..!
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 9:08 AM
    बहुत समय पहले की बात है !! एक सरोवर में बहुत सारे
    मेंढक रहते थे !! सरोवर के बीचों -बीच एक बहुत
    पुराना धातु का खम्भा भी लगा हुआ था जिसे उस सरोवर को बनवाने
    वाले राजा ने लगवाया था !! खम्भा काफी ऊँचा था और
    उसकी सतह भी बिलकुल चिकनी
    थी !!
    एक दिन मेंढकों के दिमाग में आया कि क्यों ना एक रेस करवाई जाए !! रेस में
    भाग लेने वाली प्रतियोगीयों को खम्भे पर चढ़ना होगा
    और जो सबसे पहले एक ऊपर पहुच जाएगा वही विजेता माना
    जाएगा !!
    रेस का दिन आ पंहुचा !! चारो तरफ बहुत भीड़
    थी !! आस -पास के इलाकों से भी कई मेंढक इस
    रेस में हिस्सा लेने पहुचे !! माहौल में सरगर्मी
    थी !! हर तरफ शोर ही शोर था !!
    रेस शुरू हुई, लेकिन खम्भे को देखकर भीड़ में एकत्र हुए
    किसी भी मेंढक को ये यकीन
    नहीं हुआ कि कोई भी मेंढक ऊपर तक पहुंच
    पायेगा !! हर तरफ यही सुनाई देता - "अरे ये बहुत कठिन
    है !! वो कभी भी ये रेस पूरी
    नहीं कर पायंगे !! सफलता का तो कोई सवाल ही
    नहीं !! इतने चिकने खम्भे पर चढ़ा ही
    नहीं जा सकता !!"
    और यही हो भी रहा था, जो भी
    मेंढक कोशिश करता, वो थोड़ा ऊपर जाकर नीचे गिर जाता !! कई
    मेंढक दो -तीन बार गिरने के बावजूद अपने प्रयास में लगे हुए
    थे !!
    पर भीड़ तो अभी भी चिल्लाये जा
    रही थी - "ये नहीं हो सकता ,
    असंभव !!" और वो उत्साहित मेंढक भी ये सुन-सुनकर हताश
    हो गए और अपना प्रयास छोड़ दिया !!
    लेकिन उन्ही मेंढकों के बीच एक छोटा सा मेंढक था,
    जो बार -बार गिरने पर भी उसी जोश के साथ ऊपर
    चढ़ने में लगा हुआ था !! वो लगातार ऊपर की ओर बढ़ता रहा
    और अंततः वह खम्भे के ऊपर पहुच गया और इस रेस का विजेता बना !!
    उसकी जीत पर सभी को बड़ा आश्चर्य
    हुआ !! सभी मेंढक उसे घेर कर खड़े हो गए और पूछने लगे
    - "तुमने ये असंभव काम कैसे कर दिखाया, भला तुम्हे अपना लक्ष्य प्राप्त
    करने की शक्ति कहाँ से मिली, ज़रा हमें
    भी तो बताओ कि तुमने ये विजय कैसे प्राप्त की ??"
    तभी पीछे से एक आवाज़ आई - "अरे उससे क्या
    पूछते हो , वो तो बहरा है !!"
    अक्सर हमारे अन्दर अपना लक्ष्य प्राप्त करने की
    काबीलियत होती है, पर हम अपने चारों तरफ
    मौजूद नकारात्मकता की वजह से खुद को कम आंक बैठते हैं
    और हमने जो बड़े-बड़े सपने देखे होते हैं उन्हें पूरा किये बिना
    ही अपनी ज़िन्दगी गुजार देते हैं !!
    आवश्यकता इस बात की है हम हमें कमजोर बनाने
    वाली हर एक आवाज के प्रति बहरे और ऐसे हर एक दृश्य
    के प्रति अंधे हो जाएं !! और तब हमें सफलता के शिखर पर पहुँचने से
    कोई नहीं रोक पायेगा !!
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 9:10 AM
    🍀 दुनिया के सबसे बड़े 7 डाक्टर 🍀
    🔹1- सुरज की किरणें 🌞
    🔹2- रोजाना रात 6/8 घंटे निंद 😴
    🔹3- शुध्द शाकाहारी भोजन 🍑
    🔹4- हररोज व्यायाम. 🏃
    🔹5- खुदपर विश्वास 😇
    🔹6- पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन 💧
    🔹7- अच्छे दोस्त 👬👬

    👍 इन 7 बातोंको हमेशा अपने पास रखीये सभी दर्द दुर हो जायेंगे.......
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 9:11 AM
    हरिवंशराय बच्चन की
    एक सुंदर कविता ...

    खवाहिश नही मुझे मशहुर होने की।
    आप मुझे पहचानते हो बस इतना ही काफी है।
    अच्छे ने अच्छा और बुरे ने बुरा जाना मुझे।
    क्यों की जीसकी जीतनी जरुरत थी उसने उतना ही पहचाना मुझे।
    ज़िन्दगी का फ़लसफ़ा भी कितना अजीब है,
    शामें कटती नहीं, और साल गुज़रते चले जा रहे हैं....!!
    एक अजीब सी दौड़ है ये ज़िन्दगी,
    जीत जाओ तो कई अपने पीछे छूट जाते हैं,
    और हार जाओ तो अपने ही पीछे छोड़ जाते हैं।
    बैठ जाता हूं मिट्टी पे अक्सर...
    क्योंकि मुझे अपनी औकात अच्छी लगती है..

    मैंने समंदर से सीखा है जीने का सलीक़ा,
    चुपचाप से बहना और अपनी मौज में रहना ।।

    ऐसा नहीं है कि मुझमें कोई ऐब नहीं है पर सच कहता हूँ मुझमे कोई फरेब नहीं है

    जल जाते हैं मेरे अंदाज़ से मेरे दुश्मन क्यूंकि एक मुद्दत से मैंने
    न मोहब्बत बदली और न दोस्त बदले .!!.
    एक घड़ी ख़रीदकर हाथ मे क्या बाँध ली..
    वक़्त पीछे ही पड़ गया मेरे..!!

    सोचा था घर बना कर बैठुंगा सुकून से..
    पर घर की ज़रूरतों ने मुसाफ़िर बना डाला !!!

    सुकून की बात मत कर ऐ ग़ालिब....
    बचपन वाला 'इतवार' अब नहीं आता |

    जीवन की भाग-दौड़ में -
    क्यूँ वक़्त के साथ रंगत खो जाती है ?
    हँसती-खेलती ज़िन्दगी भी आम हो जाती है..

    एक सवेरा था जब हँस कर उठते थे हम
    और
    आज कई बार
    बिना मुस्कुराये ही शाम हो जाती है..

    कितने दूर निकल गए,
    रिश्तो को निभाते निभाते..
    खुद को खो दिया हमने,
    अपनों को पाते पाते..

    लोग कहते है हम मुस्कुराते बहोत है,
    और हम थक गए दर्द छुपाते छुपाते..

    "खुश हूँ और सबको खुश रखता हूँ,
    लापरवाह हूँ फिर भी सबकी परवाह
    करता हूँ..

    मालूम है कोई मोल नहीं मेरा,
    फिर भी,
    कुछ अनमोल लोगो से
    रिश्ता रखता हूँ...!
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 9:14 AM
    नौ (९) आदतों से सुधारें अपना घर - जीवन : 🙏
    १)
    👉
    ::
    अगर आपको कहीं पर भी थूकने की आदत है तो यह निश्चित है
    कि आपको यश, सम्मान अगर मुश्किल से मिल भी जाता है तो कभी टिकेगा ही नहीं . वाशबेसिन में ही यह काम कर आया करें ! यश,मान-सम्मान में अभिवृध्दि होगी।

    २)
    👉
    ::
    जिन लोगों को अपनी जूठी थाली या बर्तन वहीं उसी जगह पर छोड़ने की आदत होती है उनको सफलता कभी भी स्थायी रूप से नहीं मिलती.!
    बहुत मेहनत करनी पड़ती है और ऐसे लोग अच्छा नाम नहीं कमा पाते.! अगर आप अपने जूठे बर्तनों को उठाकर उनकी सही जगह पर रख आते हैं तो चन्द्रमा और शनि का आप सम्मान करते हैं ! इससे मानसिक शांति बढ़ कर अड़चनें दूर होती हैं।

    ३)
    👉
    ::
    जब भी हमारे घर पर कोई भी बाहर से आये, चाहे मेहमान हो या कोई काम करने वाला, उसे स्वच्छ पानी ज़रुर पिलाएं !
    ऐसा करने से हम राहु का सम्मान करते हैं.!
    जो लोग बाहर से आने वाले लोगों को हमेशा स्वच्छ पानी पिलाते हैं उनके घर में कभी भी राहु का दुष्प्रभाव नहीं पड़ता.! अचानक आ पड़ने वाले कष्ट-संकट नहीं आते।

    ४)
    👉
    ::
    घर के पौधे आपके अपने परिवार के सदस्यों जैसे ही होते हैं, उन्हें भी प्यार और थोड़ी देखभाल की जरुरत होती है.!
    जिस घर में सुबह-शाम पौधों को पानी दिया जाता है तो हम बुध, सूर्य और चन्द्रमा का सम्मान करते हुए परेशानियों का डटकर सामना कर पाने का सामर्थ्य आ पाता है ! परेशानियां दूर होकर सुकून आता है।
    जो लोग नियमित रूप से पौधों को पानी देते हैं, उन लोगों को depression, anxiety जैसी परेशानियाँ नहीं पकड़ पातीं.!

    ५)
    👉
    ::
    जो लोग बाहर से आकर अपने चप्पल, जूते, मोज़े इधर-उधर फैंक देते हैं, उन्हें उनके शत्रु बड़ा परेशान करते हैं.!
    इससे बचने के लिए अपने चप्पल-जूते करीने से लगाकर रखें, आपकी प्रतिष्ठा बनी रहेगी।

    ६)
    👉
    ::
    उन लोगों का राहु और शनि खराब होगा, जो लोग जब भी अपना बिस्तर छोड़ेंगे तो उनका बिस्तर हमेशा फैला हुआ होगा, सिलवटें ज्यादा होंगी, चादर कहीं, तकिया कहीं, कम्बल कहीं ?
    उसपर ऐसे लोग अपने पुराने पहने हुए कपडे़ तक फैला कर रखते हैं ! ऐसे लोगों की पूरी दिनचर्या कभी भी व्यवस्थित नहीं रहती, जिसकी वजह से वे खुद भी परेशान रहते हैं और दूसरों को भी परेशान करते हैं.!
    इससे बचने के लिए उठते ही स्वयं अपना बिस्तर समेट दें.! जीवन आश्चर्यजनक रूप से सुंदर होता चला जायेगा।

    ७)
    👉
    ::
    पैरों की सफाई पर हम लोगों को हर वक्त ख़ास ध्यान देना चाहिए, जो कि हम में से बहुत सारे लोग भूल जाते हैं ! नहाते समय अपने पैरों को अच्छी तरह से धोयें, कभी भी बाहर से आयें तो पांच मिनट रुक कर मुँह और पैर धोयें.!
    आप खुद यह पाएंगे कि आपका चिड़चिड़ापन कम होगा, दिमाग की शक्ति बढे़गी और क्रोध
    धीरे-धीरे कम होने लगेगा.! आनंद बढ़ेगा।

    ८)
    👉
    ::
    रोज़ खाली हाथ घर लौटने पर धीरे-धीरे उस घर से लक्ष्मी चली जाती है और उस घर के सदस्यों में नकारात्मक या निराशा के भाव आने लगते हैं.!
    इसके विपरीत घर लौटते समय कुछ न कुछ वस्तु लेकर आएं तो उससे घर में बरकत बनी रहती है.!
    उस घर में लक्ष्मी का वास होता जाता है.! हर रोज घर में कुछ न कुछ लेकर आना वृद्धि का सूचक माना गया है.!
    ऐसे घर में सुख, समृद्धि और धन हमेशा बढ़ता जाता है और घर में रहने वाले सदस्यों की भी तरक्की होती है.!

    ९)
    👉
    ..
    ..
    जूठन बिल्कुल न छोड़ें । ठान लें । एकदम तय कर लें। पैसों की कभी कमी नहीं होगी।
    अन्यथा नौ के नौ गृहों के खराब होने का खतरा सदैव मंडराता रहेगा। कभी कुछ कभी कुछ । करने के काम पड़े रह जायेंगे और समय व पैसा कहां जायेगा पता ही नहीं चलेगा।

    🙏
    अच्छी बातें बाँटने से दोगुनी तो होती ही हैं
    - अच्छी बातों का महत्त्व समझने वालों में आपकी इज़्जत भी बढ़ती है।

    धन्यवाद !
  • 👤
    Priyanka Kumari December 16, 2015 at 9:21 AM

    छोटा सा जीवन है, लगभग 80 वर्ष।
    उसमें से आधा =40 वर्ष तो रात को
    बीत जाता है। उसका आधा=20 वर्ष
    बचपन और बुढ़ापे मे बीत जाता है।
    बचा 20 वर्ष। उसमें भी कभी योग,
    कभी वियोग, कभी पढ़ाई,कभी परीक्षा,
    नौकरी, व्यापार और अनेक चिन्ताएँ
    व्यक्ति को घेरे रखती हैँ।अब बचा ही
    कितना ? 8/10 वर्ष। उसमें भी हम
    शान्ति से नहीं जी सकते ? यदि हम
    थोड़ी सी सम्पत्ति के लिए झगड़ा करें,
    और फिर भी सारी सम्पत्ति यहीं छोड़
    जाएँ, तो इतना मूल्यवान मनुष्य जीवन
    प्राप्त करने का क्या लाभ हुआ?
    स्वयं विचार कीजिये :- इतना कुछ होते हुए भी,
    1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी...
    👍मौन होना सब से बेहतर है।

    2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी...
    👍सफेद रंग सब से बेहतर है।

    3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी...
    👍उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है।

    4-पर्यटन के लिए रमणीक स्थल होते हुए भी..
    👍पेड़ के नीचे ध्यान लगाना सबसे बेहतर है।

    5- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी...
    👍बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है।

    6- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी...
    👍अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है।

    7- जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी...
    👍सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है।

    इंसान के अंदर जो समा जायें वो
    " स्वाभिमान "
    और
    जो इंसान के बाहर छलक जायें वो
    " अभिमान "
    ये मैसेज पूरा पढ़े, और
    अच्छा लगे तो सबको भेजें 🙏

    ✔जब भी बड़ो के साथ बैठो तो
    परमात्मा का धन्यवाद ,
    क्योंकि कुछ लोग
    इन लम्हों को तरसते हैं ।

    ✔जब भी अपने काम पर जाओ
    तो परमात्मा का धन्यवाद करो
    क्योंकि
    बहुत से लोग बेरोजगार हैं ।

    ✔परमात्मा का धन्यवाद कहो
    जब तुम तन्दुरुस्त हो ,
    क्योंकि बीमार किसी भी कीमत
    पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश
    रखते हैं ।

    ✔ परमात्मा का धन्यवाद कहो
    की तुम जिन्दा हो ,
    क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो
    जिंदगी की कीमत ।

    दोस्तों की ख़ुशी के लिए तो कई मैसेज भेजते हैं ।
    देखते हैं परमात्मा के धन्यवाद का ये मैसेज कितने लोग शेयर करते हैं । 💐💐💐💐💐😊
  • 👤
    Priyanka Kumari December 16, 2015 at 9:23 AM
    मृत्यु

    भगवान विष्णु गरुड़ पर बैठ कर कैलाश पर्वत पर गए।
    द्वार पर गरुड़ को छोड़ कर खुद शिव से मिलने अंदर
    चले गए। तब कैलाश की अपूर्व प्राकृतिक शोभा
    को देख कर गरुड़ मंत्रमुग्ध थे कि तभी उनकी नजर
    एक खूबसूरत छोटी सी चिड़िया पर पड़ी।
    चिड़िया कुछ इतनी सुंदर थी कि गरुड़ के सारे
    विचार उसकी तरफ आकर्षित होने लगे।
    उसी समय कैलाश पर यम देव पधारे और अंदर जाने से
    पहले उन्होंने उस छोटे से पक्षी को आश्चर्य की
    द्रष्टि से देखा। गरुड़ समझ गए उस चिड़िया का अंत
    निकट है और यमदेव कैलाश से निकलते ही उसे अपने
    साथ यमलोक ले जाएँगे।

    गरूड़ को दया आ गई। इतनी छोटी और सुंदर
    चिड़िया को मरता हुआ नहीं देख सकते थे। उसे अपने
    पंजों में दबाया और कैलाश से हजारो कोश दूर एक
    जंगल में एक चट्टान के ऊपर छोड़ दिया, और खुद
    बापिस कैलाश पर आ गया।

    आखिर जब यम बाहर आए तो गरुड़ ने पूछ ही लिया
    कि उन्होंने उस चिड़िया को इतनी आश्चर्य भरी
    नजर से क्यों देखा था। यम देव बोले "गरुड़ जब मैंने
    उस चिड़िया को देखा तो मुझे ज्ञात हुआ कि वो
    चिड़िया कुछ ही पल बाद यहाँ से हजारों कोस दूर
    एक नाग द्वारा खा ली जाएगी। मैं सोच रहा था
    कि वो इतनी जलदी इतनी दूर कैसे जाएगी, पर अब
    जब वो यहाँ नहीं है तो निश्चित ही वो मर चुकी
    होगी।"

    गरुड़ समझ गये "मृत्यु टाले नहीं टलती चाहे कितनी
    भी चतुराई की जाए।"
    हरी बोल

    🙏🙏🙏
  • 👤
    Priyanka Kumari December 16, 2015 at 9:28 AM
    रामायण कथा का एक अंश जिससे हमें सीख मिलती है "एहसास" की
    श्री राम लक्ष्मण व सीता सहित चित्रकूट पर्वत
    की ओर जा रहे थे ! राह बहुत पथरीली और
    कंटीली थी ! सहसा श्री राम के चरणों में एक
    कांटा चुभ गया !
    .
    फलस्वरूप वह रूष्ट या क्रोधित नहीं हुए, बल्कि
    हाथ जोड़कर धरती से एक अनुरोध करने लगे !
    बोले-"माँ, मेरी एक विनम्र प्रार्थना है तुमसे ! क्या
    स्वीकार करोगी ?"
    .
    धरती बोली-"प्रभु प्रार्थना नही, दासी को आज्ञा
    दीजिए !"
    .
    'माँ, मेरी बस यही विनती है कि जब भरत मेरी खोज में
    इस पथ से गुज़रे, तो तुम नरम हो जाना ! कुछ पल के
    लिए अपने आँचल के ये पत्थर और कांटे छुपा लेना !
    मुझे कांटा चुभा सो चुभा ! पर मेरे भरत के पाँव में अघात
    मत करना,
    श्री राम विनत भाव से बोले !
    .
    श्री राम को यूँ व्यग्र देखकर धरा दंग रह गई !
    पूछा-"भगवन, धृष्टता क्षमा हो ! पर क्या भरत आपसे
    अधिक सुकुमार है ? जब आप इतनी सहजता से सब
    सहन कर गए, तो क्या कुमार भरत नहीं कर पाँएगें ?
    फिर उनको लेकर आपके चित में ऐसी व्याकुलता क्यों ?
    .
    श्री राम बोले-'नहीं .....नहीं माता ! आप मेरे कहने का
    अभिप्राय नहीं समझीं ! भरत को यदि कांटा चुभा, तो
    वह उसके पाँव को नहीं, उसके हृदय को विदीर्ण कर
    देगा ! '
    .
    'हृदय विदीर्ण !! ऐसा क्यों प्रभु ?', धरती माँ जिज्ञासा
    घुले स्वर में बोलीं !
    .
    'अपनी पीड़ा से नहीं माँ, बल्कि यह सोचकर कि इसी
    कंटीली राह से मेरे प्रभु राम गुज़रे होंगे और ये शूल
    उनके पगों में भी चुभे होंगे !
    मैया, मेरा भरत कल्पना में भी मेरी पीड़ा सहन नहीं कर
    सकता ! इसलिए उसकी उपस्थिति में आप कमल
    पंखुड़ियों सी कोमल बन जाना ...!!"
    .
    अर्थात रिश्ते अंदरूनी एहसास, आत्मीय अनुभूति के दम
    पर ही टिकते हैं । जहाँ गहरी आत्मीयता नहीँ, वो रिश्ता
    नहीँ बल्कि उसे एक व्यावसायिक संबंध का नाम दिया जा
    सकता है ।
    .
    इसीलिए कहा गया है कि
    रिश्ते खून से नहीं,
    परिवार से नहीं,
    समाज से नहीं
    मित्रता से नहीं,
    व्यवहार से नहीं
    बल्कि
    सिर्फ और सिर्फ
    आत्मीय "एहसास" से ही बनते और निर्वहन किए जाते हैं ।
    .
    जहाँ एहसास ही नहीं, आत्मीयता ही नहीं ..
    वहाँ अपनापन कहाँ से आएगा।
    आप स्वमं भी इस पर विचार जरूर करें
  • 👤
    Priyanka Kumari December 16, 2015 at 9:30 AM
    यदि सफलता एक सुन्दर पुष्प है तो विनम्रता उसकी सुगन्ध।
    जिंदगी में जो चाहो हासिल कर लो, बस इतना ख्याल रखना कि, आपकी मंजिल का रास्ता, लोगो के दिलों को तोड़ता हुआ न गुजरे
    "अच्छी सोच"
    "अच्छा विचार"
    "अच्छी भावना"
    मन को हल्का करता है|
    सुप्रभात
  • 👤
    बेनामी December 16, 2015 at 9:33 AM
    जमीन अच्छी हो,
    खाद अच्छा हो,
    पर पानी अगर खारा हो तो फूल खिलते नहीं,
    भाव अच्छा हो,
    विचार भी अच्छा हो,
    मगर वाणी खराब हो तो संबंध भी टिकते नहीं...!!!
    आदत ना रखो पीठ पीछे बोलने की
    दो शब्द कम बोलिए
    पर मुंह पे बोलिए...!!!
  • 👤
    Priyanka Kumari December 16, 2015 at 9:42 AM
    लूट सके तो लूट ले, राम नाम की लूट ।
    पाछे फिरे पछताओगे, प्राण जाहिं जब छूट ॥
  • 👤
    Priyanka Kumari December 18, 2015 at 3:57 AM

    बेहतरीन शब्द.....

    💕🐾💕🐾💕💕🐾💕🐾
    "जब मैंने जन्म लिया,वहां "एक नारी" थी जिसने मुझे थाम लिया......

    || मेरी माँ ||

    💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾💕
    बचपन में जैसे जैसे मैं बड़ा होता गया "एक नारी" वहां मेरा ध्यान रखने और मेरे साथ खेलने के लिए मौजूद थी.....

    || मेरी बहन ||

    💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾
    जब मैं स्कूल गया "एक नारी" ने मुझे पढ़ने और सिखने में मदद की......

    || मेरी शिक्षिका ||
    💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾

    जब भी मै जीवन से निराश और हताश हुआ और जब भी हारा तब "एक नारी" ने मुझे संभाला ...

    || मेरी महिला मित्र ||
    💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾💕

    जब मुझे सहयोग,साथी और प्रेम की आवश्यकता हुई तब "एक नारी" हमेशा मेरे साथ थी.....

    || मेरी पत्नी ||

    💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾
    जब भी मैं जीवन में कठोर हुआ तब "एक नारी" ने मेरे व्यवहार को नरम कर दिया.....

    ||मेरी बेटी||

    💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾💕
    जब मैं मरूँगा तब भी "एक नारी" मुझे अपने गोद में समा लेगी.......

    || धरती माँ ||
    💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾

    यदि आप पुरुष हैं तो हर नारी का सम्मान करें.....और यदि आप महिला हैं, उन में से एक होने पर गर्व करे...
    💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾💕🐾
  • 👤
    बेनामी December 18, 2015 at 3:58 AM
    ❤💞दोस्ती नाम हैं, सुख दुःख की कहानी का,
    दोस्ती राज़ हैं, सदा मुस्कुराने का,
    यह कोई पल भर की पहचान नहीं,
    दोस्ती नाम हैं, उम्र भर साथ निभाने का.❤💞
  • 👤
    बेनामी December 18, 2015 at 4:06 AM
    💖प्यार वो हैं..
    💚💚💚❤💚💚💚💚
    जब माँ रात को आती है
    और कहती हैं..
    "सो जा, बाकी सुबह उठ कर पढ़ लेना"
    💛💛💛💛💛💛💛💛
    ❤प्यार वो हैं ...
    जब हम tution से वापस आये और पापा कहे-
    "बेटा लेट होने वाले थे तो कॉल कर देते"
    💜💜💜💜💜💜💜💜
    💗प्यार वो है....
    जब भाभी कहती हैं -
    "ओये हीरो;
    लड़की पटी की नही"
    💚💚💚💚💚💚💚💚
    💘प्यार वो हैं....
    जब बहन कहती हैं-
    "देखूंगी मेरी शादी के बाद तेरा काम कौन करेगा
    💞💞💞💞💞💞💞💞
    💓"प्यार वो हैं....
    जब हम निराश हो और भाई आकर कहे-
    "चल नौटंकी कही घुमने चलते हैं"
    💛💛💛💛💛💛💛💛
    💞प्यार वो है...
    जब दोस्त कॉल करके कहे-
    ओये कमीने जिन्दा हैं या मर गया"
    💜💜💜💜💜💜💜💜
    💘💋💘यह है सच्चा प्यार।
    इसे अपने जीवन मैं बिलकुल भी ना गवाएं..
    💚💚💚💚💚💚💚💚
    💑प्यार केवल गर्ल फ्रेंड या बॉय फ्रेंड होना ही नही हैं।
    यह प्यार उससे भी ऊपर हैं।
    💚💜💙💛💛💙💜
    [वक़्त अच्छा ज़रूर आता है;
    मगर वक़्त पर ही आता है!
    🕙🕙🕙🕙🕙🕙🕙🕙🕙🕙
    कागज अपनी किस्मत से उड़ता है; लेकिन पतंग अपनी काबिलियतसे!
    📜📜📜📜📜🔷🔷🔷🔷🔷
    इसलिए किस्मत साथ दे या न दे;
    काबिलियत जरुर साथ देती है!
    👫👫👫👫👫👫👫👫👫👫
    दो अक्षर का होता है लक;
    👍👍👍👍👍👍👍👍👍👍
    ढाई अक्षर का होता है भाग्य;
    🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏
    तीन अक्षर का होता है नसीब;
    👉👉👉👉👑👑👈👈👈👈
    साढ़े तीन अक्षर की होती है किस्मत;
    🙇🙇🙇🙇🙇🙇🙇🙇🙇🙇
    पर ये चारों के चारों चार अक्षर, मेहनत से छोटे होते हैं!........
    🏊🏊🏊🏊🏊🏊🏊🏊🏊🏊
    जिंदगी में दो लोगों का ख्याल रखना बहुत जरुरी है!
    पिता: जिसने तुम्हारी जीत के लिए सब कुछ हारा हो!
    माँ: जिसको तुमने हर दुःख में पुकारा हो!
    🎎🎎🎎🎎🎎🎎🎎🎎🎎🎎
    काम करो ऐसा कि पहचान बन जाये;
    💎💎💎💎💎💎💎💎💎💎
    हर कदम चलो ऐसे कि निशान बन जायें;
    👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣
    यह जिंदगी तो सब काट लेते हैं;
    जिंदगी ऐसे जियो कि मिसाल बन जाये!
    🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍🎍
    भगवान की भक्ति करने से शायद हमें माँ न मिले;
    लेकिन माँ की भक्ति करने से भगवान् अवश्य मिलेंगे!
    👏👏👏👏👏👏👏👏👏👏
    अहंकार में तीन गए;
    धन, वैभव और वंश!
    ना मानो तो देख लो;
    रावन, कौरव और कंस!.
    🎭🎭🗿🗿♨♨🗿🗿🎭🎭
    'इंसान' एक दुकान है, और 'जुबान' उसका ताला;
    जब ताला खुलता है, तभी मालुम पड़ता है;
    👅🔓👅🔓👅🔓👅🔓👅🔓
    कि दूकान 'सोने' कि है, या 'कोयले
    💰🗿💰🗿💰🗿💰🗿💰🗿
    एक दिन मैं कॉलेज से घर आने के
    लिये निकला आसमान में बादल थे...
    लग रहा था कि बारिश होने वाली थी...
    📚💭📚💭📚💭📚💭📚💭
    इसलिए सोचा कि घर जल्दी पहुँच जाऊँ पर रास्ते में
    ही बारिश शुरू हो गई और मैं भीग गया...!!!
    ☔🏠☔🏠☔🏠☔🏠☔🏠☔
    घर जाते ही बड़ी बहन ने कहा -: "थोड़ी देर रुक
    नही सकते थे...??"
    .
    बड़े भाई ने कहा -: "कहीं साइड में खड़े
    हो जाते ...??"
    .
    पापा ने कहा -: "खड़े कैसे हो जाते..!! जनाब
    को बारिश में भीगने का शौक जो है..??"
    .
    .
    .
    इतने में मम्मी आई और सिर पर टॉवेल रखते हुऐ
    बोली -: "ये बारिश भी ना... थोड़ी देर रुक
    जाती तो मेरा बेटा घर आ जाता...!!!"
    'माँ' तो 'माँ' होती है..
  • 👤
    Priyanka Kumari December 18, 2015 at 4:12 AM
    इस मैसेज को गौर से दो बार पढे !

    जिस दिन हमारी मोत होती है, हमारा पैसा बैंक में ही रहा जाता है।
    *
    जब हम जिंदा होते हैं तो हमें लगता है कि हमारे पास खच॔ करने को पया॔प्त धन नहीं है।
    *
    जब हम चले जाते है तब भी बहुत सा धन बिना खच॔ हुये बच जाता है।
    *
    एक चीनी बादशाह की मोत हुई। वो अपनी विधवा के लिये बैंक में 1.9 मिलियन डालर छोड़ कर गया। विधवा ने जवान नोकर से शादी कर ली। उस नोकर ने कहा -
    "मैं हमेशा सोचता था कि मैं अपने मालिक के लिये काम करता हूँ अब समझ आया कि वो हमेशा मेरे लिये काम करता था।"

    सीख?
    ज्यादा जरूरी है कि अधिक धन अज॔न कि बजाय अधिक जिया जाय।
    • अच्छे व स्वस्थ शरीर के लिये प्रयास करिये।
    • मँहगे फ़ोन के 70% फंक्शन अनोपयोगी रहते है।
    • मँहगी कार की 70% गति का उपयोग नहीं हो पाता।
    • आलीशान मकानो का 70% हिस्सा खाली रहता है।
    • पूरी अलमारी के 70% कपड़े पड़े रहते हैं।
    • पुरी जिंदगी की कमाई का 70% दूसरो के उपयोग के लिये छूट जाता है।
    • 70% गुणो का उपयोग नहीं हो पाता

    तो 30% का पूण॔ उपयोग कैसे हो
    • स्वस्थ होने पर भी निरंतर चैक अप करायें।
    • प्यासे न होने पर भी अधिक पानी पियें।
    • जब भी संभव हो, अपना अहं त्यागें ।
    • शक्तिशाली होने पर भी सरल रहेँ।
    • धनी न होने पर भी परिपूण॔ रहें।

    बेहतर जीवन जीयें !!!
    💮💮💮💮
    काबू में रखें - प्रार्थना के वक़्त अपने दिल को,
    काबू में रखें - खाना खाते समय पेट को,
    काबू में रखें - किसी के घर जाएं तो आँखों को,
    काबू में रखें - महफ़िल मे जाएं तो ज़बान को,
    काबू में रखें - पराया धन देखें तो लालच को,
    💮💮💮
    भूल जाएं - अपनी नेकियों को,
    भूल जाएं - दूसरों की गलतियों को,
    भूल जाएं - अतीत के कड़वे संस्मरणों को,
    💮💮💮
    छोड दें - दूसरों को नीचा दिखाना,
    छोड दें - दूसरों की सफलता से जलना,
    छोड दें - दूसरों के धन की चाह रखना,
    छोड दें - दूसरों की चुगली करना,
    छोड दें - दूसरों की सफलता पर दुखी होना,
    💮💮💮💮
    यदि आपके फ्रिज में खाना है, बदन पर कपड़े हैं, घर के ऊपर छत है और सोने के लिये जगह है,
    तो दुनिया के 75% लोगों से ज्यादा धनी हैं

    यदि आपके पर्स में पैसे हैं और आप कुछ बदलाव के लिये कही भी जा सकते हैं जहाँ आप जाना चाहते हैं
    तो आप दुनिया के 18% धनी लोगों में शामिल हैं

    यदि आप आज पूर्णतः स्वस्थ होकर जीवित हैं
    तो आप उन लाखों लोगों की तुलना में खुशनसीब हैं जो इस हफ्ते जी भी न पायें

    जीवन के मायने दुःखों की शिकायत करने में नहीं हैं
    बल्कि हमारे निर्माता को धन्यवाद करने के अन्य हजारों कारणों में है!!!

    यदि आप मैसेज को वाकइ पढ़ सकते हैं और समझ सकते हैं
    तो आप उन करोड़ों लोगों में खुशनसीब हैं जो देख नहीं सकते और पढ़ नहीं सकते

    अगर आपको यह सन्देश बार बार मिले तो परेशान होनेकी
    बजाय आपको खुश होना चाहिए !

    धन्यवाद...

    मैंने भेज दिया
    अब आपकी बाऱी है ।
    नींद और मौत में क्या फर्क है...?
    किसी ने क्या खूबसूरत जवाब दिया है....

    "नींद आधी मौत है"

    और

    "मौत मुकम्मल नींद है"

    जिंदगी तो अपने ही तरीके से चलती है....

    औरों के सहारे तो जनाज़े उठा करते हैं।

    सुबहे होती है , शाम होती है

    उम्र यू ही तमाम होती है ।

    कोई रो कर दिल बहलाता है

    और

    कोई हँस कर दर्द छुपाता है.

    क्या करामात है कुदरत की,

    ज़िंदा इंसान पानी में डूब जाता है

    और मुर्दा तैर के दिखाता है...

    बस के कंडक्टर सी हो गयी है
    जिंदगी ।

    सफ़र भी रोज़ का है और
    जाना भी कही नहीं।.....

    सफलता के सात भेद, मुझे अपने कमरे के अंदर
    ही उत्तर मिल गये !

    छत ने कहा : ऊँचे उद्देश्य रखो !

    पंखे ने कहा : ठन्डे रहो !

    घडी ने कहा : हर मिनट कीमती है !

    शीशे ने कहा : कुछ करने से पहले अपने अंदर झांक
    लो !

    खिड़की ने कहा : दुनिया को देखो !

    कैलेंडर ने कहा : Up-to-date रहो !

    दरवाजे ने कहा : अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के
    लिए पूरा जोर लगाओ !

    लकीरें भी बड़ी अजीब होती हैं------
    माथे पर खिंच जाएँ तो किस्मत बना देती हैं

    जमीन पर खिंच जाएँ तो सरहदें बना देती हैं

    खाल पर खिंच जाएँ तो खून ही निकाल देती हैं

    और रिश्तों पर खिंच जाएँ तो दीवार बना देती हैं..

    एक रूपया एक लाख नहीं होता ,

    मगर फिर भी एक रूपया एक लाख से निकल जाये तो वो लाख भी लाख नहीं रहता

    हम आपके लाखों दोस्तों में बस वही एक रूपया हैं …

    संभाल के रखनT , बाकी सब मोह माया है
  • 👤
    बेनामी December 18, 2015 at 4:12 AM
    इस मैसेज को गौर से दो बार पढे !

    जिस दिन हमारी मोत होती है, हमारा पैसा बैंक में ही रहा जाता है।
    *
    जब हम जिंदा होते हैं तो हमें लगता है कि हमारे पास खच॔ करने को पया॔प्त धन नहीं है।
    *
    जब हम चले जाते है तब भी बहुत सा धन बिना खच॔ हुये बच जाता है।
    *
    एक चीनी बादशाह की मोत हुई। वो अपनी विधवा के लिये बैंक में 1.9 मिलियन डालर छोड़ कर गया। विधवा ने जवान नोकर से शादी कर ली। उस नोकर ने कहा -
    "मैं हमेशा सोचता था कि मैं अपने मालिक के लिये काम करता हूँ अब समझ आया कि वो हमेशा मेरे लिये काम करता था।"

    सीख?
    ज्यादा जरूरी है कि अधिक धन अज॔न कि बजाय अधिक जिया जाय।
    • अच्छे व स्वस्थ शरीर के लिये प्रयास करिये।
    • मँहगे फ़ोन के 70% फंक्शन अनोपयोगी रहते है।
    • मँहगी कार की 70% गति का उपयोग नहीं हो पाता।
    • आलीशान मकानो का 70% हिस्सा खाली रहता है।
    • पूरी अलमारी के 70% कपड़े पड़े रहते हैं।
    • पुरी जिंदगी की कमाई का 70% दूसरो के उपयोग के लिये छूट जाता है।
    • 70% गुणो का उपयोग नहीं हो पाता

    तो 30% का पूण॔ उपयोग कैसे हो
    • स्वस्थ होने पर भी निरंतर चैक अप करायें।
    • प्यासे न होने पर भी अधिक पानी पियें।
    • जब भी संभव हो, अपना अहं त्यागें ।
    • शक्तिशाली होने पर भी सरल रहेँ।
    • धनी न होने पर भी परिपूण॔ रहें।

    बेहतर जीवन जीयें !!!
    💮💮💮💮
    काबू में रखें - प्रार्थना के वक़्त अपने दिल को,
    काबू में रखें - खाना खाते समय पेट को,
    काबू में रखें - किसी के घर जाएं तो आँखों को,
    काबू में रखें - महफ़िल मे जाएं तो ज़बान को,
    काबू में रखें - पराया धन देखें तो लालच को,
    💮💮💮
    भूल जाएं - अपनी नेकियों को,
    भूल जाएं - दूसरों की गलतियों को,
    भूल जाएं - अतीत के कड़वे संस्मरणों को,
    💮💮💮
    छोड दें - दूसरों को नीचा दिखाना,
    छोड दें - दूसरों की सफलता से जलना,
    छोड दें - दूसरों के धन की चाह रखना,
    छोड दें - दूसरों की चुगली करना,
    छोड दें - दूसरों की सफलता पर दुखी होना,
    💮💮💮💮
    यदि आपके फ्रिज में खाना है, बदन पर कपड़े हैं, घर के ऊपर छत है और सोने के लिये जगह है,
    तो दुनिया के 75% लोगों से ज्यादा धनी हैं

    यदि आपके पर्स में पैसे हैं और आप कुछ बदलाव के लिये कही भी जा सकते हैं जहाँ आप जाना चाहते हैं
    तो आप दुनिया के 18% धनी लोगों में शामिल हैं

    यदि आप आज पूर्णतः स्वस्थ होकर जीवित हैं
    तो आप उन लाखों लोगों की तुलना में खुशनसीब हैं जो इस हफ्ते जी भी न पायें

    जीवन के मायने दुःखों की शिकायत करने में नहीं हैं
    बल्कि हमारे निर्माता को धन्यवाद करने के अन्य हजारों कारणों में है!!!

    यदि आप मैसेज को वाकइ पढ़ सकते हैं और समझ सकते हैं
    तो आप उन करोड़ों लोगों में खुशनसीब हैं जो देख नहीं सकते और पढ़ नहीं सकते

    अगर आपको यह सन्देश बार बार मिले तो परेशान होनेकी
    बजाय आपको खुश होना चाहिए !

    धन्यवाद...

    मैंने भेज दिया
    अब आपकी बाऱी है ।
    नींद और मौत में क्या फर्क है...?
    किसी ने क्या खूबसूरत जवाब दिया है....

    "नींद आधी मौत है"

    और

    "मौत मुकम्मल नींद है"

    जिंदगी तो अपने ही तरीके से चलती है....

    औरों के सहारे तो जनाज़े उठा करते हैं।

    सुबहे होती है , शाम होती है

    उम्र यू ही तमाम होती है ।

    कोई रो कर दिल बहलाता है

    और

    कोई हँस कर दर्द छुपाता है.

    क्या करामात है कुदरत की,

    ज़िंदा इंसान पानी में डूब जाता है

    और मुर्दा तैर के दिखाता है...

    बस के कंडक्टर सी हो गयी है
    जिंदगी ।

    सफ़र भी रोज़ का है और
    जाना भी कही नहीं।.....

    सफलता के सात भेद, मुझे अपने कमरे के अंदर
    ही उत्तर मिल गये !

    छत ने कहा : ऊँचे उद्देश्य रखो !

    पंखे ने कहा : ठन्डे रहो !

    घडी ने कहा : हर मिनट कीमती है !

    शीशे ने कहा : कुछ करने से पहले अपने अंदर झांक
    लो !

    खिड़की ने कहा : दुनिया को देखो !

    कैलेंडर ने कहा : Up-to-date रहो !

    दरवाजे ने कहा : अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के
    लिए पूरा जोर लगाओ !

    लकीरें भी बड़ी अजीब होती हैं------
    माथे पर खिंच जाएँ तो किस्मत बना देती हैं

    जमीन पर खिंच जाएँ तो सरहदें बना देती हैं

    खाल पर खिंच जाएँ तो खून ही निकाल देती हैं

    और रिश्तों पर खिंच जाएँ तो दीवार बना देती हैं..

    एक रूपया एक लाख नहीं होता ,

    मगर फिर भी एक रूपया एक लाख से निकल जाये तो वो लाख भी लाख नहीं रहता

    हम आपके लाखों दोस्तों में बस वही एक रूपया हैं …

    संभाल के रखनT , बाकी सब मोह माया है
  • 👤
    बेनामी December 18, 2015 at 4:20 AM
    भय से ही दुःख आते हैं,
    भय से ही मृत्यु होती है और
    भय से ही बुराइयां उत्पन्न होती हैं।
  • 👤
    बेनामी December 18, 2015 at 4:22 AM
    उठो, जागो और तब तक नहीं रुको जब तक लक्ष्य ना प्राप्त हो जाये।
  • 👤
    बेनामी December 18, 2015 at 4:30 AM
    एक चिन्तन :-
    -----------

    मैंने एक फूल से कहा. ..!
    कल तुम मुरझा जाओगे
    फिर क्यों मुस्कुराते हो?

    व्यर्थ में
    यह ताजगी किसलिए लुटाते हो?

    फूल चुप रहा -
    इतने में एक तितली आई
    पल भर आनंद लिया, उड गई,

    एक भौंरा आया
    गान सुनाया, सुगंध बटोरी,
    और आगे बढ गया,

    एक मधुमक्खी आई
    पल भर भिनभिनाई
    पराग समेटा,
    और झूमती गाती चली गई,

    खेलते हुए एक बालक ने स्पर्श सुख लिया, रूप-लावण्य निहारा,
    मुस्कुराया और खेलने लग गया|

    तब फूल बोला-
    || मित्र ||
    क्षण भर को ही सही
    मेरे जीवन ने कितनों को सुख दिया

    क्या तुमने भी कभी ऐसा किया?

    कल की चिन्ता में
    आज के आनंद में विराम क्यो करूँ!

    माटी ने जो
    रूप, रंग, रस, गंध दिए
    उसे बदनाम क्यो करूँ!

    मैं हँसता हूँ
    क्योंकि
    हँसना मुझे आता है,

    मैं खिलता हूँ
    क्योंकि
    खिलना मुझे सुहाता है,

    मैं मुरझा गया तो क्या
    कल फिर एक नया फूल खिलेगा
    न कभी मुस्कान रुकी हैं,
    न......ही
    सुगंध

    जीवन तो एक सिलसिला है
    इसी तरह चलेगा |

    "जो आपको मिला है उस में खुश रहिये
    और प्रभु का शुक्रिया कीजिए
    क्योंकि आप जो जीवन जी रहे हैं
    वो जीवन कई लोगों ने देखा तक नहीं है । "

    "खुश रहिये,
    मुस्कुराते रहिये और अपनों को भी खुश रखिए .................. 👏👏👏👏👏
  • 👤
    बेनामी December 18, 2015 at 4:31 AM
    जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा…
    जो चल रहा है, उसके पाँव में छाला होगा…

    बिना संघर्ष के इन्सान चमक नही सकता, यारों…
    जो जलेगा उसी दिये में तो, उजाला होगा…।
  • 👤
    बेनामी December 18, 2015 at 4:34 AM
    🌾🌟🌾🌟🌾🌟🌾🌟🌾🌟🌾👉

    ''इंसान ने वक़्त से पूछा...
    "मै हार क्यूं जाता हूँ ?"
    वक़्त ने कहा..
    धूप हो या छाँव हो,
    काली रात हो या बरसात हो,
    चाहे कितने भी बुरे हालात हो,
    मै हर वक़्त चलता रहता हूँ,
    इसीलिये मैं जीत जाता हूँ,
    तू भी मेरे साथ चल,
    कभी नहीं हारेगा............."
    🌾🌟🌾🌟🌾🌟🌾🌟🌾
  • 👤
    बेनामी December 18, 2015 at 4:35 AM
    🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴

    खुद गलत होकर
    खुद को सही साबित करना
    उतना मुश्किल नहीं होता..

    जितना कि खुद सही होकर
    खुद को सही साबित करना...!!

    😉

    🌴🌴🌴🌴🌴🌴🌴
  • 👤
    बेनामी December 18, 2015 at 10:42 AM
    काम मेँ ईश्वर का साथ मांगो लेकिन,
    ईश्वर काम कर दे ऐसा मत मांगो..
  • 👤
    बेनामी December 18, 2015 at 10:48 AM
    हम एक साथ तीनों काल मे जीते है ...
    निराशा के समय अतीत मे
    चिंता के वक्त भविष्य मे
    शांतचित्त हो तो वर्तमान मे
    तय हमको ही करना है कि हम किस काल मे जीना चाहते है
  • 👤
    Priyanka Kumari December 18, 2015 at 4:30 PM
    बहुत सुन्दर शब्द जो एक गुरुद्वारे के दरवाज़े पर लिखे थे :

    यार से ऐसी यारी रख
    दुःख में भागीदारी रख,

    चाहे लोग कहे कुछ भी
    तू तो जिम्मेदारी रख,

    वक्त पड़े काम आने का
    पहले अपनी बारी रख,

    मुसीबते तो आएगी
    पूरी अब तैयारी रख,

    कामयाबी मिले ना मिले
    जंग हौंसलों की जारी रख,

    बोझ लगेंगे सब हल्के
    मन को मत भारी रख,

    मन जीता तो जग जीता
    कायम अपनी खुद्दारी रख..।।
  • 👤
    Anil Sahu May 8, 2017 at 1:54 PM
    बहुत अच्छी लाइनें हैं आपकी इस पोस्ट की.
  • 👤
    Diwalistatus June 11, 2019 at 8:46 AM
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  • 👤
    Birthday Lover July 22, 2019 at 8:57 PM
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    amit kasana July 25, 2019 at 12:17 PM
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    amit kasana July 25, 2019 at 12:18 PM
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    amit kasana July 25, 2019 at 2:40 PM
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    amit kasana July 25, 2019 at 2:42 PM
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    amit kasana July 25, 2019 at 2:43 PM
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    amit kasana July 25, 2019 at 2:44 PM
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    amit kasana July 25, 2019 at 2:45 PM
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