ऐ पतंग उड़ जा तुझे सन्देश मेरा लेकर... दोस्त और दोस्ती सभी लेख 💬 Share on WhatsApp ✈️ Share on Telegram ऐ पतंग उड़ जा तुझे सन्देश मेरा लेकर जाना हँ,सात समंदर पार हँ कोई, इसे वहां तक पहुँचाना हँचाहे कितनी ही बाधाएं बीच राह मैं तुमको आयें,चाहे कितने चक्रवात भी बीच राह मैं तुम्हे डराएमत होना तुम विचलित तुमको आगे ही बढ़ते जाना हँ,सात समंदर पार हँ कोई, इसे वहां तक पहुँचाना हँकहना उसे छोर दूजे पर, ऐसे कई लोग रहते हैं,जो हर पल हर उत्सव के दिन, याद तुम्हें जी भर करते हैंछत पर बैठ पतंग देखना, याद तुम्हें भी आता होगा,अपनों संग त्यौहार मनाना, आज भी तुम्हें भाता होगा,जाने किस दिन तुम नन्हे संग, देश अपने वापिस आओगीऔर बैठ कर साथ हमारे, खीच लापसी तुम खाओगीजब वो तुमको छू लेगी तब, मन खुशियों से भर जायेगाऔर मेरा सन्देश मेरी उस अपनी को भी मिल जायेगा...
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