तक़दीर है मगर किस्मत नहीं खुलती...

शादी के पहले

तक़दीर है मगर किस्मत नहीं खुलती,
ताजमहल बनाना चाहता हूँ लेकिन मुमताज़ नहीं मिलती,



शादी के बाद (मुमताज़ मिलने के बाद )

तक़दीर है मगर किस्मत नहीं खुलती,
ताजमहल बनाना चाहता हूँ लेकिन मुमताज़ नहीं मरती ...!!!




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