हिंदी शायरी - किसे समझे अपना किसे पराया शायरी 💬 Share on WhatsApp ✈️ Share on Telegram ज़िंदगी जीने को एक यहाँ ख्वाब मिलता है, यहाँ हर सवाल झूठा जवाब मिलता है, किसे समझे अपना किसे पराया, यहाँ हर चेहरे पे एक नकाब मिलता है.…
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