प्रेरक प्रेरणास्पद ज़िन्दगी हौसला शायरी : तो शेर समझ कर सलाम ठोकेगी

गुलाम बनकर जिओगे तो कुत्ता समझकर लात मारेगी ये दुनिया...
नवाब बनकर जिओगे तो शेर समझ कर सलाम ठोकेगी ये दुनिया...
"दम कपड़ों में नहीं,जीगर में रखो,
बात कपड़ों में होती तो, सफेद कफन में लीपटा मुर्दा भी

"सुलतान मिर्ज़ा" होता..।



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