हिंदी में शायरी, शायरी पढ़िए हिंदी में : प्यार लव दिल नसीब गुनाह शायरी

 हिंदी में शायरी, शायरी पढ़िए हिंदी में : प्यार लव दिल नसीब गुनाह शायरी....

प्यार की आंच से तो पत्थर भी पिघल जाता है,
सचे दिल से साथ दे तो नसीब भी बदल जाता है,
प्यार की राहों पर मिल जाये साचा हमसफ़र,
तो कितना भी गिरा हुआ इंसान भी संभल जाता है।


2.
मैं ग़ज़ल कहता हूँ और गीत गुन-गुनाता हूँ ,
दिल की करता हुआ,दिल ही में उतर जाता हूँ,
प्यार बेहद है मुझे, और है गुनाह यही,
प्यार करता हुआ, मैं हद से गुज़र जाता हूँ |

Comments

No comments yet. Be the first to comment!

Post a Comment