एहसास-ए-मुहब्बत के लिए
बस इतना ही काफी है,
तेरे बगैर भी हम,
तेरे ही रहते हैं..!!
........................
जिन्दगीं में किसी का साथ काफी हैं,
कंधे पर किसी का हाथ काफी हैं,
दूर हो या पास..
...क्या फर्क पड़ता हैं,
"अनमोल रिश्तों"
का तो बस "एहसास" ही काफी है..!!
.........................
रिश्ते खून के नहीं होते, रिश्ते एहसास के होते हैं,
अगर एहसास हो तो अजनबी भी अपने होते हैं,
और अगर एहसास ना हो तो अपने भी अजनबी हो जाते हैं..!!
बस इतना ही काफी है,
तेरे बगैर भी हम,
तेरे ही रहते हैं..!!
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जिन्दगीं में किसी का साथ काफी हैं,
कंधे पर किसी का हाथ काफी हैं,
दूर हो या पास..
...क्या फर्क पड़ता हैं,
"अनमोल रिश्तों"
का तो बस "एहसास" ही काफी है..!!
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रिश्ते खून के नहीं होते, रिश्ते एहसास के होते हैं,
अगर एहसास हो तो अजनबी भी अपने होते हैं,
और अगर एहसास ना हो तो अपने भी अजनबी हो जाते हैं..!!
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आसुओं की गिरने की आहट नहीं होती,
दिल के टूटने की आवाज नहीं होती,
अगर होता भगवान को एहसास दर्द का,
तो उसे दर्द देने की आदत नहीं होती..!!
दिल के टूटने की आवाज नहीं होती,
अगर होता भगवान को एहसास दर्द का,
तो उसे दर्द देने की आदत नहीं होती..!!
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