!!१!!
ऊँची दुकान,
फीका पकवान,
सौ(100) में से नब्बे बेईमान,
फिर भी मेरा भारत देश महान..
!!2!!
मंगल भवन अमंगल हारी
अन्ना सरकार पर भारी
दीन दयाल बिरदु सम्भारी
हरउ नाथ भ्रष्टाचारी
!!३!!
जनलोकपाल : मैं भ्रस्टाचार का काल हूँ |
लोकपाल : मैं अपनी मर्जी से कुछ भी कर सकता हूँ, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता |
जनलोकपाल : मैं तेरी मर्जी चलने नहीं दूंगा, तू कुछ भी करके देख मैं तुझे कहीं नहीं छोडूंगा |
लोकपाल : मैं रावण हूँ, मैंने कुबेर का खजाना लूटा है |
जनलोकपाल : मैं हनुमान हूँ, मेंने रावण की लंका बरबाद की है |
लोकपाल : मेरे पास कांग्रेस सरकार है |
जनलोकपाल: मेरे पास जनता बेसुमार है |
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