आनासागर और बजरंगगढ़ का किनारा ना होता तो, अजमेर में पड़ने वाला स्टुडेंट आवारा ना होता..
आनासागर और बजरंगगढ़ का किनारा ना होता,
वैशाली का वो नजारा ना होता,
ग्लित्ज़, मृदंग, माया मंदिर ने सिनेमा सुधरा ना होता,
तो अजमेर में पड़ने वाला स्टुडेंट आवारा ना होता..
वैशाली का वो नजारा ना होता,
ग्लित्ज़, मृदंग, माया मंदिर ने सिनेमा सुधरा ना होता,
तो अजमेर में पड़ने वाला स्टुडेंट आवारा ना होता..