hindi shayari

क्या नशा है इश्क आज तक समझ ना पाये हम,
उन नशीली आँखों में कहीं हो ना जाऐं गुम,
युँ तो इश्क समझ नहीं आता ना जाने क्या बला थी ये,
कि जुदा होने पे उनकी ये आँखे हो गई है नम..


-----------------


दोस्ती नज़रों से हो तो उसे कुदरत कहते हैं,
 सितारों से हो तो उसे जन्नत रहते है,
हुसन से हो तो उसे महोब्बत कहते है,
 और दोस्ती आप जैसे दोस्त से हो तो उसे किस्मत कहते है

-------------


मंजिलों से अपनी दूर ना जाना..
रास्ते की परेशानियों से टूट ना जाना..
जब भी जरूरत हो जिन्दगी में किसी अपने की..
हम अपने हैं ये भूल ना जाना